उत्तर प्रदेश विवाह अनुदान योजना 2020

उत्तर प्रदेश विवाह अनुदान योजना

उत्तर प्रदेश सरकार ने शादी अनुदान योजना शुरू की है। इस योजना के तहत गरीब और कमजोर वर्ग की लड़कियों को लाभावंति किया जा रहा है। अनुदान के रूप में तय रकम दी जा रही है, ताकि शादी में पैसों की कमी आड़े न आए। इस आर्टिकल में शादी अनुदान योजना से जुड़े सभी पहलुओं को साझा किया जा रहा है। पाठकों को बताया जा रहा है कि किस वर्ग के लोग इसका लाभ उठा सकते हैं। आवेदन के लिए क्या-क्या करना होगा और किस तरह के दस्तावेज प्रस्तुत कर सकते हैं। आर्टिकल पर अंत तक बने रहें।

51 हजार रुपये मिलेंगे

योजना का नाम उत्तर प्रदेश विवाह/शादी अनुदान योजना है। योजना की शुरुआत 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुरू की गई है। योजना के तहत विवाह योग्य लड़कियों को अनुदान के रूप में 51 हजार रुपये दिए जाएंगे। पैसे सीधे लाभार्थियों के खाते में ट्रांसफर किए जा रहे हैं। सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार इस योजना का लाभ, उन्हीं लड़कियों को मिलेगा, जो आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं।    

सालाना आय 56 हजार से ज्यादा हो

उत्तर प्रदेश विवाह योजना का लाभ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग, अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग आदि परिवारों की लड़कियों को मिलेगा। इसके लिए मुखिया की सालाना आय भी तय की गई है। शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सालाना आय 56 हजार से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वालों की सालाना आया 46 हजार तय की गई है। अगर कोई परिवार इस दायरे में आ रहा है, जो वे इस योजना का लाभ हासिल कर सकते हैं।

बैंक अकाउंट में भेजे जाएंगे पैसे

योजना के संचालन में किसी तरह की गड़बड़ी की शिकायत न मिले, इसके लिए सरकार ने पारदर्शिता बरती है। योजना का लाभ हासिल करने के लिए लाभार्थियों के पास अपना बैंक अकाउंट जरूरी होना चाहिए। अकाउंट राष्ट्रीयकृत बैंकों में ही होना चाहिए। प्राइवेट बैंक के खाताधारकों पर विचार नहीं किया जाएगा। अगर खाता नहीं है तो लड़कियों को पहले किसी राष्ट्रीय बैंक में खाता खुलवाना पड़ेगा। पैसे सीधे अकाउंट में ही ट्रांसफर किए जाएंगे।

तीन महीने पहले करें आवेदन

योजना का लाभ हासिल करने के लिए शादी से तीन पहले आवेदन करना होगा। सरकार ने साफ कर दिया है कि शादी से 90 दिन पहले या फिर 90 दिन के बाद तक ही इस योजना का लाभ हासिल किया जा सकता है। शादी के पुराने मामलों पर विचार नहीं किया जाएगा। इस योजना की खास बात यह है कि अनुदान मिलने के साथ ही लाभार्थियों के लिए चिकित्सीय सेवा का इंतजाम भी किया गया है।

योजना के लिए पात्रता

  • शादी अनुदान योजना का लाभ उन्हीं लड़कियों को मिल सकता है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश की निवासी हैं।
  • आर्थिक रूप से कमजोर एससी-एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक और सामान्य वर्ग की लड़कियां इसके लिए आवेदन कर सकती हैं।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वालों की आय 46 हजार और शहरी क्षेत्रों में रहने वालों की आय 56 हजार से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
  • शादी के वक्त लड़की की आयु 18 साल पूरी हो चुकी हो। आवेदकों को इसके लिए आवेदन फार्म के साथ आयु प्रमाणपत्र अटैच करना होगा।

जरूरी दस्तावेज

  • जाति प्रमाणपत्र
  • आधार कार्ड
  • आवेदक का पहचान पत्र
  • आय प्रमाणपत्र
  • बैंक खाता
  • आवेदक का शादी प्रमाणपत्र
  • मोबाइल नंबर
  • पासपोर्ट साइज फोटो

ऑनलाइन आवेदन करें

  • उत्तर प्रदेश विवाह योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इच्छुक इसके लिए सरकार की ऑफीशियल वेबसाइट shadianudan.upsdc.gov.in पर विजिट कर सकते हैं।
  • ऑफीशियल वेबसाइट पर विजिट करने के बाद होम पेज पर पंजीकरण नाम से मौजूद ऑप्शन पर क्लिक कर सकते हैं। नीचे की तरफ वर्ग का नाम दिया गया है। लोग अपनी जातियों के हिसाब से इसपर क्लिक कर सकते हैं।
  • आवेदन फार्म ओपन हो जाएगा। फार्म पर नाम, माता-पिता का नाम, घर का स्थायी या अस्थाई पता लिखना होगा।
  • फार्म पर शादी की तिथि, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, बैंक खाता नंबर आदि लिखना होगा। वर्ग और सालाना आय के बारे में भी लिखना होगा।

दस्तावेजों को अपलोड करें

फार्म भरने के बाद सभी जरूरी दस्तावेजों को कंप्यूटर पर अपलोड करना होगा। शैक्षणिक, आयु, जाति, सालाना आय आदि प्रमाणपत्रों को अपलोड करने के साथ पहचानपत्र के रूप में आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड की कॉपी को भी अपलोड करना होगा। आवेदक इसके साथ अपनी पासपोर्ट साइज फोटो और हस्ताक्षर भी अपलोड करेंगे। इसके बाद सभी जरूरी प्रमाणपत्रों को फार्म के साथ अटैच करना होगा। अटैच करने के बाद सबमिट बटन पर क्लिक कर सकते हैं। आवेदन पूरा हो जाएगा। आवेदक इसका प्रिंट आउट निकालकर जरूर रख लें।

संबंधित कार्यालयों पर संपर्क करें

आवेदकों को किसी तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है तो इसके लिए अल्पसंख्यक कल्याण समाज या फिर पिछड़ा कल्याण समाज के दफ्तरों पर संपर्क किया जा सकता है। यहां भी अगर समस्याओं से निजात नहीं मिली तो जिलाधिकारी कार्यालय पर इसकी शिकायत की जा सकती है।