scholarship.up.nic.in | उत्तर प्रदेश स्कॉलरशिप ऑनलाइन स्टेटस कैसे चेक करे

उत्तर प्रदेश स्कॉलरशिप ऑनलाइन स्टेटस

प्रदेश सरकार अलग-अलग योजनाओं के तहत स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप की सुविधा प्रदान कर रही है। विद्यार्थी बड़ी संख्या में इसके लिए आवेदन भी कर रहे हैं। चूंकि कई बार ऐसा होता है कि छात्रवृत्ति समय पर नहीं मिल पाती है, इसके लिए छात्र परेशान हो जाते हैं। सरकार ने इसके लिए स्टेटस चेक करने की सुविधा प्रदान की है। इस आर्टिकल में UP ऑनलाइन स्कॉलरशिप स्टेटस चेक करने का तरीका बताया जा रहा है। पूरी जानकारी हासिल करने के लिए आर्टिकल को अंत तक पढ़ें। 

UP Scholarship स्टेटस कैसे चेक करें

  • विद्यार्थी ऑनलाइन स्कॉलरशिप स्टेटस चेक कर सकते हैं। उन्हें इसके लिए प्रदेश सरकार की ऑफीशियल वेबसाइट पर विजिट करना होगा।
  • सरकार की ऑफीशियल वेबसाइट scholarship.up.nic.in पर विजिट करने के बाद होम पेज पर स्टूडेंट का विकल्प दिखेगा।
  • विद्याथी इस ऑप्शन पर क्लिक कर सकते हैं। उन्हें इसके बाद रिनीवल या फ्रेश ऑप्शन में किसी एक पर क्लिक करना होगा।
  • स्क्रीन पर नया पेज ओपन हो जाएगा। यहां रजिस्ट्रेशन नंबर, जन्मतिथि और पासवर्ड लिखना होगा। सबमिट बटन पर प्रेस करें।

Login on scholarship.up.nic.in Portal

  • सबमिट बटन पर प्रेस करने के बाद आप लॉगइन हो जाएंगे। इसके बाद आपको “यहां क्लिक करें” ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।
  • विद्यार्थी इसके बाद सर्च बटन पर क्लिक करें। एप्लीकेशन स्टेटस दिख जाएगा। विद्यार्थियों के सामने स्क्रीन पर आवेदन फार्म की स्थिति आ जाएगी।
  • विद्यार्थियों को यहां छात्रवृत्ति न आने की सही वजह आसानी से पता चल जाएगी। विद्यार्थी इसका प्रिंट आउट भी ले सकते हैं।
  • छात्र और छात्राएं इस तरह प्रदेश सरकार की किसी भी योजना के तहत स्कॉलरशिप स्टेटस के बारे में पता कर सकते हैं।

Documents for Uttar Pradesh Scholarship

  • हाईस्कूल रोल नंबर
  • जन्मतिथि
  • आधार नंबर
  • रजिस्ट्रेशन संख्या
  • मोबाइल नंबर
  • पासवर्ड
  • बैंक अकाउंट नंबर

Correction in UP Scholarship Form

वजीफा की रकम जारी न होने के कई कारण है। विद्यार्थी ऑनलाइन आवेदन तो कर देते हैं, लेकिन कई बार फार्म भरने में गलती हो जाती है। कुछ जरूरी सूचनाएं कभी-कभी छूट जाती हैं, जिसकी वजह से स्कॉलरशिप रुक जाती है। फार्म को अधूरा मानकर पेंडिंग में डाल दिया जाता है। लिहाजा स्टूडेंट्स को आवेदन फार्म भरते समय पूरी सावधानी बरतना चाहिए। अच्छी तरह से चेक करने के बाद ही सबमिट बटन पर प्रेस करना चाहिए।

फंड की कमी भी है बड़ा कारण

योजनाओं का संचालन तो शुरू कर दिया जाता है, लेकिन कई बार सरकार को फंड की कमी से जूझना पड़ता है। फंड की कमी के कारण ही स्कॉलरशिप वितरण में देरी हो जाती है। सरकार इसके लिए बजट में इंतजाम करती है। फंड मिलते ही विद्यार्थियों के बैंक खातों में स्कॉलरशिप की रकम ट्रांसफर कर दी जाती है। सरकार की प्राथमिकताएं भी मायने रखती हैं। कुछ सरकारें पहले से चली आ रही योजनाओं को बंद तो नहीं करना चाहती हैं, लेकिन उनका फोकस उनपर नहीं होता है।

Anand Sivastava