प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) क्या है

प्रधानमंत्री उज्जवला योजना | PM Ujjwala Scheme (PMUY)

“प्रधानमंत्री उज्जवला” योजना महिलाओं के लिए वारदान साबित हुई है। खासकर उन महिलाओं के लिए, जो ग्रामीण इलाकों में रहती हैं और उनका संबंध आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से है। इस योजना के तहत महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन तो बांटे जा रहे हैं, सब्सिडी भी दी जा रही है। योजना को सभी प्रदेशों में लागू किया गया है। इस आर्टिकल में प्रधानमंत्री उज्जवला स्कीम के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। PMUY योजना के लिए पात्रता सहित दूसरे सभी जरूरी पहलुओं को भी साझा किया जा रहा है। आर्टिकल को अंत तक पढ़ें।

प्रधानमंत्री उज्जवला योजना कब हुई शुरुआत

प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की शुरुआत 01 मई, 2016 को हुई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी घोषणा की थी। योजना को पूरे देशभर में एक साथ लागू किया गया। इस योजना के तहत महिलाओं को मुफ्त घरेलू गैस कनेक्शन दिए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में योजना की शुरआत करते हुए कहा कि महिलाओं को इसकी वजह से खाना बनाने में आसानी तो होगी ही, प्रदूषण में भी कमी आएगी। ग्रामीण इलाकों का वातावरण और बेहतर होगा, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है।

PM Ujjwala Yojana के लिए पात्रता

  • प्रधानमंत्री उज्जवला योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए है। इस योजना का लाभ सिर्फ उन्हें मिलेगा, जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन गुजार रहे हैं।
  • बीपीएल कार्ड धारकों को ही इसका फायदा मिलेगा। योजना का लाभ महिलाओं को ही मिलेगा। महिलाओं के नाम पर ही गैस कनेक्शन दिए जाएंगे।
  • जो परिवार सरकार की इन शर्तों को पूरा नहीं करेंगे, उन्हें उज्जवला योजना के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा गया है। इसमें शहरी गरीबों को भी शामिल किया गया है।

प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के अंतरगत फ्री गैस कनेक्शन

प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन देने का सिलसिला जारी है। केंद्र सरकार इस योजना के तहत देश में 8 करोड़ से ज्यादा लोगों को कनेक्शन दे चुकी है। सरकार का दावा है कि शहरों और गांवों में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर सभी परिवार को इस योजना के साथ जोड़ा जाएगा। सरकार की कोशिश है कि सभी बीपीएल कार्ड धारकों को इस योजना का लाभ मिले।

ऑनलाइन आवेदन से पहले जरूर पढ़े

सरकार ने इसके लिए कुछ शर्तें भी लागू की हैं। नियम के अनुसार एक परिवार में एक गैस कनेक्शन दिया जाएगा। अगर किसी परिवार में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत गैस कनेक्शन है तो उसे दोबारा इसका लाभ नहीं मिल सकेगा। गैस कनेक्शन महिलाओं के नाम पर ही होंगे, जिनकी उम्र 18 साल से कम नहीं होनी चाहिए। आवेदक का नाम सीईसीसी-2011 के आंकड़ों में होना चाहिए।

प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के लिए Online Registration (pmuy.gov.in) कैसे करे

  • प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन पाने के लिए आवेदन pmuy.gov.in पर किए जा सकते हैं।
  • महिलाएं केवाईसी फार्म भर सकती हैं। इसके बाद नजदीकी एलपीजी केंद्र पर पहुंचकर आवेदन फार्म हासिल कर सकती हैं।
  • दो पेज का फार्म है, जिसपर जरूरी जानकारी दर्ज करें। फार्म पर अपना नाम, पति का नाम, गांव, तहसील, जिला, प्रदेश का नाम लिखें।
  • बैंक खाता और आधार नंबर भी लिखना जरूरी है। मोबाइल नंबर भी देना होगा। अगर मोबाइल नंबर नहीं है तो परिवार के किसी सदस्य का नंबर दिया जा सकता है।
  • सब्सिडी के लिए मोबाइल नंबर पर मेसेज भेजे जाते हैं। सभी जरूरी दस्तावेजों और पासपोर्ट साइज फोटो अटैच कर फार्म को जमा किया जा सकता है।

PMUY स्कीम के लिए जरूरी दस्तावेज

  • बीपीएल कार्ड
  • बीपीएल राशन कार्ड
  • राशन कार्ड की कॉपी
  • सूची में नाम का प्रिंट आउट
  • एलआईसी या बैंक स्टेटमेंट
  • आधार कार्ड
  • वोटर आईडी कार्ड
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • सत्यापित घोषणापत्र

प्रधानमंत्री उज्जवला योजना फार्म डाउनलोड कर सकते हैं

प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत गैस कनेक्शन हासिल और आसान हो गया है। इसके लिए पहले एलजीपी कंपनियों के कार्यालय पर फार्म मिलते थे। फार्म के लिए लोगों को कभी-कभी भटकना पड़ता था। सरकार ने इसको ध्यान में रखते हुए अपनी ऑफीशियल वेबसाइट पर फार्म अपलोड किया है। लोग केंद्र सरकार की ऑफीशियल वेबसाइट india.gov.in पर विजिट कर आवेदन फार्म डाउनलोड कर सकते हैं। फार्म को भरने के बाद उन्हें नजदीकी एलपीजी कंपनियों के कार्यालय पर जमा किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के लाभ

गैस पर खाना बनाने की वजह से महिलाओं को सहूलियत मिलेगी। धुएं से निजात मिलेगी। स्वास्थ्य में भी सुधार होगा। घरों में मौजूद छोटे बच्चे भी स्वस्थ्य रहेंगे। वातावरण में प्रदूषण की कमी आएगी, जिसकी वजह से गांव का माहौल बेहतर होगा। शहरों में प्रदूषण की दरें कम होंगी। खास बात यह है कि धुएं की वजह से होने वाली मौतों में कमी आएगी। सांस, चेस्ट, दिल के मरीजों को राहत मिलेगी। नए मरीजों की संख्या भी कम हो सकती है। खाना बनाने में महिलाओं का समय बचेगा।

Anand Sivastava