बिहार कोरोना सहायता योजना | Download Bihar Corona Sahayta App [ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन]

बिहार कोरोना सहायता योजना | Bihar Corona Sahayta

बिहार सरकार ने दूसरे प्रदेशों में फंसे राज्य के मजदूरों के लिए बड़ी योजना शुरू की है। लॉकडाउन की वजह से घर नहीं पहुंच पा रहे मजदूरों को एक हजार रुपये की वित्तीय मदद दी जाएगी। पैसे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाएंगे। मजदूरों को इसके लिए “बिहार कोरोना सहायता ऐप” को डाउनलोड करना होगा। इस ऐप को बिहार सरकार की ओर से जारी किया गया है। इस आर्टिकल में बिहार कोरोना सहायता योजना के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। Bihar Corona Sahayta ऐप को डाउनलोड करने का तरीका भी बताया जाएगा। आर्टिकल पर अंत तक बने रहें।

बिहार कोरोना सहायता योजना के लिए पात्रता

  • बिहार सरकार ने लॉकडाउन की वजह से दूसरे प्रदेशों में फंसे राज्य के मजदूरों के लिए एक ऐप डिजाइन किया है।
  • बिहार के मजदूरों के बैंक खातों में 1000 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। इसकी वजह से मजदूरों को आर्थिक मदद मिल सकेगी।
  • योजना का लाभ राशन कार्ड धारकों को मिलेगा। यानी मजदूरों का नाम बिहार सरकार की ओर से जारी राशन कार्ड में होना चाहिए।
  • मजदूरों को अपना आधार और बैंक खाता नंबर देना होगा। उन्हें अपना स्थायी या अस्थायी पता भी देना होगा।

बिहार का मूल निवासी होना जरूरी

  • लॉकडाउन की वजह से दूसरे प्रदेशों में फंसे मजदूरों को ऐप डाउनलोड करना होगा। ऐप के जरिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
  • यह स्कीम सिर्फ उनके लिए है, जो मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं, लेकिन लॉकडाउन की वजह से दूसरे प्रदेशों में फंसे हैं।
  • बैंक खातों में पैसे डालने का काम डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी योजना के तहत किया जाएगा।
  • उम्मीदवारों को मोबाइल के जरिए सेल्फी देना होगा। सेल्फी के जरिए उनका सत्यापन किया जा सकता है।

बिहार कोरोना सहायता कैसे डाउनलोड करें

  • राज्य के मजदूरों को सबसे पहले अपने मोबाइल पर “बिहार कोरोना सहायता ऐप” को डाउनलोड करना होगा।
  • डाउनलोड करने के बाद इस ऐप को ओपन कर सकते हैं। यहां जरूरी जानकारी दर्ज करने के बाद सबमिट बटन पर प्रेस करना होगा।
  • ऐप को डाउनलोड करने की प्रक्रिया को पूरा करने के बाद मजदूर बिहार सरकार की ऑफीशियल वेबसाइट aapda.bih.nic.in पर विजिट कर सकते हैं।
  • उम्मीदवारों को ऑफीशियल वेबसाइट पर विजिट करने के बाद अपने बारे में बताना होगा। लोकेशन, स्टेट और शहर की जानकारी देनी होगी।

Apply From Mobile App

  • महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली आदि प्रदेशों में फंसे राज्य के मजदूरों के मोबाइल नंबर पर बिहार कोराना सहायता ऐप का लिंक भेजा जाएगा।
  • चूंकि दूसरे प्रदेशों में फंसे बिहार के मजदूरों ने बड़ी संख्या में कोरोना हेल्पलाइन नंबर पर फोन किया है, इसलिए सरकार के पास उनके मोबाइल नंबर मौजूद हैं।
  • सरकार की ऑफीशियल वेबसाइट पर विजिट करने के बाद मोबाइल नंबर भी देना पड़ेगा, जिसकी वजह से सरकार के पास डाटा मौजूद है।
  • बिहार कोरोना सहायता ऐप का लिंक भेजने का काम एसएमएस के जरिए किया जाएगा। ई-मेल पर भी लिंक भेजा जा सकता है।

जरूरी दस्तावेज

बिहार सरकार ने मजदूरों की मदद के लिए मामूली शर्तें लागू की हैं। मजदूरों को दस्तावेज के रूप में सिर्फ आधार नंबर की जानकारी देनी होगी। नंबर के आधार पर इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन हो जाएगा। रजिस्ट्रेशन के बाद मजदूरों को बैंक खाता नंबर देना होगा, ताकि सरकार की ओर से उनके अकाउंट में पैसे ट्रांसफर किए जा सकें। दस्तावेज के रूप में फिलहाल इन्हीं दोनों चीजों को अनिवार्य किया गया है।

मुख्यमंत्री राहत कोष से की जाएगी मदद

दूसरे प्रदेशों में फंसे बिहार के मजदूरों को एक हजार रुपये देने का काम मुख्यमंत्री राहत कोष से किया जाएगा। आपदा प्रबंधन विभाग को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। चूंकि बड़ी संख्या में मजदूरों ने बिहार की हेल्पलाइन नंबर पर फोनकर मदद मांगी है, इसलिए नितीश कुमार की सरकार ने तत्काल प्रभाव से यह फैसला किया है। बिहार पहला ऐसा राज्य है, जहां इस तरह की स्कीम शुरू की गई है।

30 हजार मजदूरों ने किया रजिस्टर

बिहार सरकार के मुताबिक बड़ी संख्या में मजदूर इस ऐप को डाउनलोड कर रहे हैं। योजना को लांच करने के बाद से करीब 30 हजार लोग ऐप के जरिए खुद को रजिस्टर करा चुके हैं। सरकार का यह भी दावा है कि रजिस्ट्रेशन कराने वालों की संख्या और बढ़ेगी, जिसके लिए बजट का इंतजाम किया जा रहा है। योजना को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए पैसे की कमी आड़े नहीं आएगी। गौरतलब है कि 24 मार्च को लॉकडाउन के बाद हजारों की संख्या में मजदूर अलग-अलग राज्यों में फंसे हुए हैं।

Anand Sivastava