बीजेपी कार्यकर्ता या सदस्य कैसे बने

बीजेपी कार्यकर्ता कैसे बनें

भारतीय जनता पार्टी विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन चुकी है। यह भारत की पहली ऐसी पार्टी है, जिसके पास सबसे ज्यादा सदस्य हैं। युवाओं, महिलाओं, छात्र-छात्राओं सहित ज्यादातर वर्गों में भाजपा की सदस्यता हासिल करने की होड़ है। बड़ी संख्या में आम लोग तो पार्टी के साथ जुड़ ही रहे हैं, दूसरी पार्टियों के छोटे-बड़े नेता भी भाजपा के साथ तेजी से जुड़ रहे हैं। इस आर्टिकल में बताया जा रहा है कि लोग किस तरह पार्टी की सदस्यता हासिल कर सकते हैं। कार्यकर्ता बनने के लिए उन्हें क्या-क्या करना होगा। आर्टिकल को अंत तक पढ़ें।  

मिस्ड कॉल कर बनिए सदस्य

भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी संख्या में युवाओं को जोड़ने का प्लान बनाया है। पार्टी ने यूथ पर फोकस करते हुए उनके बीच पैठ बनाने की कवायद भी शुरू कर दी है। सदस्य बनाने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है। पार्टी ने इसके लिए टोल फ्री नंबर जारी किया है। लोग 8980808080 पर मिस्ड कॉल के जरिए भाजपा के सदस्य बन सकते हैं। मिस्ड कॉल करने के बाद लोगों के मोबाइल नंबर, नाम और एडरेस नोट कर लिए जाएंगे। इसके बाद पार्टी की तरफ से उनके मोबाइल नंबर पर मेसेज भेजे जाएंगे। मेसेज के जरिए उन्हें पार्टी का सदस्य बनाए जाने की सूचना दी जाएगी। स्थानीय कार्यालय में संपर्क करने को कहा जाएगा, ताकि सदस्य स्थानीय कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के बारे में जान सकें।

एसएमएस के जरिए बन सकते हैं सदस्य

मिस्ड कॉल के साथ पार्टी ने सदस्य बनाने के लिए दूसरी व्यवस्था भी की है। पार्टी की तरफ एक और हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। लोग 18002662020 नंबर पर एसएमएस भेजकर पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं। खास बात यह है कि इसके जरिए भारतीय मूल के वे लोग भी भाजपा की सदस्यता हासिल कर सकते हैं, जो विदेशों में रह रहे हैं। पार्टी पदाधिकारियों का मानना है कि भाजपा के सभी वर्गों और सभी जाति के लोगों को अपने साथ जोड़ना चाहती है।

मेंबरशिप नंबर या कार्ड

भाजपा सदस्य बनाने के बाद मेंबरशिप नंबर भी जारी करती है। एसएमएस के जरिए ही नए सदस्यों को मेंबरशिप नंबर दिए जाते हैं। सदस्यों को एक तरह का कार्ड दिया जाता है, जिसमें उनके नाम, मेंबरशिप नंबर, प्रदेश का जिक्र रहता है। पार्टी की तरफ से उन्हें कॉल करके इसकी जानकारी दी जाती है। जरूरत पड़ने पर कार्ड उनके पते पर भी भेजे जा सकते हैं।  

सक्रिय सदस्य भी बनिए

भाजपा नए सदस्यों को सक्रिय सदस्यों की सूची में भी शामिल करती हैं। सक्रिय सदस्य बनने के लिए लोगों को पार्टी के नियम का पालन करना होगा। सक्रिय सदस्य उसी को बनाया जाता है, जो पांच नए लोगों को पार्टी की सदस्यता दिलाने में अहम भूमिका निभाता है। पार्टी इसके बाद ऐसे युवाओं, महिलाओं को सक्रिय सदस्य की श्रेणी में शामिल कर लेती है। उन्हें पार्टी के कार्यक्रमों के बारे में बताया जाता है। कार्यक्रमों में पहुंचने के लिए मेसेज भी भेजे जाते हैं।

सत्यापन कैसे होता है

भाजपा ने गड़बड़ियों से सबक लेते हुए खास प्लान तैयार किया है। प्लान के तहत अब जो भी लोग मिस्ड कॉल के जरिए सदस्य बनेंगे, उनके मोबाइल नंबर पर कॉल करके सत्यापन किया जाएगा। उन्होंने सदस्य बनने के दौरान जो भी जानकारी दी है, उसकी जांच की जाएगी। दोहरे सत्यापन के जरिए दोनों का मिलान किया जाएगा। मिलान में सभी जानकारी सही पाए जाने के बाद ही लोगों को पार्टी की सदस्यता दी जाएगी।

फर्जी ढंग से जोड़ा गया था

भारतीय जनता पार्टी ने पिछली बार राष्ट्रीय स्तर पर मेगा सदस्यता अभियान चलाकर करीब 11 करोड़ सदस्य बनाए गए थे। उत्तर प्रदेश में भी अभियान चलाकर करीब एक करोड़ 40 लाख लोगों को पार्टी के साथ जोड़ा गया था। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा कार्यकर्ताओं को दोहरे सत्यापन का निर्देश दिया गया था। सत्यापन में पता चला कि 20 लाख से ज्यादा लोगों को फर्जी ढंग से पार्टी के साथ जोड़ दिया गया था। फर्जी ढंग से जोड़े गए सभी सदस्यों को लिस्ट से बाहर कर दिया गया था।

सदस्यता कैंप लगाकर भी दी जाती है

ऑनलाइन सदस्य बनाने के साथ लोगों को मैनुअल तरीके से भी पार्टी के साथ जोड़ा जाता है। इसके लिए पूरे भारत में जगह-जगह पर कैंप लगाया जाता है। गांव, तहसील, मुहल्ला और जिला स्तर पर लगाए जाने वाले इन कैंपों में मौजूद पार्टी के पुराने कार्यकर्ता नए सदस्यों को रसीद काटकर देते हैं। यह एक तरह का मेंबरशिप प्रमाण है। नए सदस्यों को इसके बाद पार्टी कार्यालयों पर पहुंचने को कहा जाता है। उन्हें पार्टी के नियम और कायदे समझाए जाते हैं। मीटिंग में भी बुलाया जाता है।

कार्यकर्ता बनने के लिए करनी होगी कड़ी मेहनत

भाजपा की सदस्यता हासिल करना तो आसान है, लेकिन पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ता बनने के लिए कठिन परिश्रम करना होगा। अपनी पहचान बनाने के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को पार्टी के साथ जोड़ने की कोशिश तो करना ही होगा, नियम और कायदे पर भी चलना होगा। पार्टी की ओर से आयोजित सभी तरह के राजनीतिक कार्यक्रम, धरना-प्रदर्शन, जुलूस और मार्च में भी शामिल होना पड़ता है। पार्टी की तरफ से जो भी लक्ष्य निर्धारित किया गया है, उसे पूरा करना होगा। पुराने कार्यक्रर्ताओं और पदाधिकारियों से मेलजोल बढ़ाना होगा। उनके संपर्क में रहकर ही कार्यकर्ता बनने की कोशिश को आगे बढ़ाया जा सकता है।

11 करोड़ हुए भाजपेई

भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों की संख्या 11 करोड़ पहुंच गई है। पिछले साल अलग-अलग प्रदेशों में चलाए गए सदस्यता अभियान के जरिए एक करोड़ से ज्यादा लोगों को पार्टी से जोड़ा गया। पार्टी पदाधिकारियों के मुताबिक भाजपा में हर छह साल में सदस्यों की समीक्षा की जाती है। उनकी सक्रियता देखी जाती है। अगर कोई सक्रिय नहीं है तो या फिर दूसरी मंशा के साथ पार्टी के साथ जुड़ा था तो फिर उसकी सदस्यता रद भी कर दी जाती है।

Anand Sivastava