बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना | ऑनलाइन आवेदन कैसे करे

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना

जापान, कोरिया, थाईलैंड, सिंगापुर जैसे देशों में भी बेटियों को बराबर का दर्जा प्राप्त हैं। महिलाएं यहां न सिर्फ पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं, बल्कि कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां उन्होंने बाकायदा तौर पर पुरुषों को पीछे छोड़ दिया है। भारत में अभी इस तरह की सोच प्रभावी ढंग से डेवलप नहीं हो पाई है। यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ” का नारा देकर उनके हक में एक बेहतर शुरुआत की है। उनका मानना है कि बेटियां मजबूत होंगी तो देश मजबूत होगा। इस आर्टिकल में योजना के लिए पात्रता और इसके फायदे के बारे में बताया जा रहा है।

2015 में हुई थी शुरुआत

beti bachao beti padhao scheme की शुरुआत 22 जनवरी 2015 को हुई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना की घोषणा करते हुए कहा था कि जब तक हमारे देश की बेटियां सुरक्षित और पढ़ी-लिखी नहीं होंगी, देश कभी तरक्की नहीं कर सकता है। इसलिए समाज को बेटी और बेटों के साथ बराबरी का मामला करना चाहिए, ताकि दोनों के बीच फैली असमानता को आसानी से खत्म किया जा सके। उन्होंने देश और विदेशों में भारतीय महिलाओं के योगदन पर भी चर्चा की थी। 

बजट में 100 करोड़ की व्यवस्था

बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ योजना को पूरे भारत के लिए शुरू किया गया है। इस योजना को प्रभावी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। योजना के तहत संबंधित विभागों को हर साल 100 करोड़ रुपये मिलेंगे। प्रोग्रेस रिपोर्ट मिलने के बाद योजना पर खर्च होने वाले बजट को बढ़ाया भी जा सकता है।

योजना के लिए पात्रता | Eligibility

  • योजना का फायदा उठाने के लिए भारतीय नागरिक होना जरूरी है। कोई भी बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ योजना का लाभ उठा सकती है।
  • एनआरआई को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। एनआरआई उन्हें कहते हैं, जो भारत के मूल निवासी तो हैं, लेकिन वे रोजगार या दूसरी वजहों से विदेशों में रह रहे हैं।
  • बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना को सिर्फ 10 साल की बच्चियों के लिए लागू किया गया है। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे हैं परिवार ही इसमें शामिल हो सकते हैं।
  • इस योजना के तहत बैंकों में बच्चियों का खाता होना जरूरी है। खाता खुलने के बाद ही सुकन्या समृद्धि योजना का लाभ हासिल कर सकती हैं।

स्कूलों में मुफ्त शिक्षा

प्रधानमंत्री बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना की एक और खास बात यह है कि इसके दायरे में आने वाली बच्चियों को स्कूलों में पढ़ने के लिए किसी भी तरह की फीस नहीं देनी होगी। सरकारी स्कूलों में तो यह नियम लागू होगा ही, निजी स्कूलों को भी इसके दायरे में लाने की कोशिश की जा रही है। निजी स्कूलों में बच्चियों को फीस में थोड़ी-बहुत छूट मिल सकती है।

जरूरी दस्तावेज

  • बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना का लाभ लेने के लिए अभिभावकों को आवासीय प्रमाणपत्र देना होगा।
  • बच्चियों का जन्म प्रमाणपत्र भी बनवाना होगा। प्रमाणपत्र में उनकी उम्र दस साल से कम होनी चाहिए।
  • योजना का लाभ लेने के लिए अभिभावकों को भी अपनी पहचान बतानी होगी। पहचान के रूप में उन्हें आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर आईकार्ड आदि देना होगा।
  • अभिभावकों को इसके साथ पारिवारिक सालाना प्रमाणपत्र भी बनवाना होगा। बीपीएल कार्ड धारक ही इसका लाभ हासिल कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री खुद करेंगे समीक्षा

केंद्र सरकार ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना की निगरानी करने का भी इंतजाम किया है। इस योजना को सही तरीके से संचालित करने की जिम्मेदारी तीन मंत्रालयों को दी गई है, जिनमें महिला एंव बाल विकास, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और मानव संसाधन विकास मंत्रालय शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बीच-बीच में इसकी समीक्षा करते रहेंगे, ताकि संबंधित मंत्रालयों को अपनी जवाबदेही का एहसास रहे।

बचत स्कीमें भी हैं

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ योजना की कई खास बाते हैं। इस योजना के तहत बेटियों के लिए कई बचत स्कीमें शुरू की गई हैं, तो स्कूलों में पढ़ाई के लिए भी बेहतर इंतजाम किए गए हैं। केंद्र सरकार की ओर से सुकन्या समृद्धि योजना की शुरुआत की गई है। बच्चियों के डाकघर और बैंकों में खाते खोले जाएंगे। लोग अपनी बेटियों का खाता खुलवाकर उनकी पढ़ाई और शादी के लिए पूंजी जमा कर सकते हैं। बच्चियों को बेहतर ब्याज दर के साथ रिटर्न दिया जाएगा।

जागरूकता अभियान

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना को प्रभावी बनाने के लिए लोगों को जागरूक भी किया जाएगा। इसके लिए सभी केंद्रीय विभागों को बाकायदा तौर पर कैंपेन चलाने का निर्देश दिया गया है। प्रचार और प्रसार करने के लिए कार्यालयों में योजना से जुड़े पंफलेट रखने को कहा गया है, ताकि लोगों को इस योजना की जानकारी मिल सके।

फिल्मी हस्तियां कर रहीं प्रचार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ योजना को और प्रभावी बनाने के लिए जहां एक तरफ जागरूकता अभियान चलाया गया, वहीं दूसरी तरफ इसके प्रचार और प्रसार के लिए हिंदी सिनेमा की मशहूर अदाकारा माधुरी दीक्षित को ब्रांड अंबेसेडर बनाया गया है। खास बात यह है कि हिंदी सिनेमा की मशहूर अदाकारा माधुरी दीक्षित को इस योजना का ब्रांड एंबेसेडर बनाया गया है। माधुरी दीक्षित इस योजना का बीच-बीच में प्रचार करती रहेंगी। हिंदी सिनेमा और खेल जगत से जुड़ी दूसरी कई नामचीन हस्तियों ने भी इस योजना की तारीफ की।

Anand Sivastava